जब संविधान लिखने का कार्य पूरा हुआ , तब बाबा साहेब की आँखों में आँसू थे .
जब संविधान लिखने का कार्य पूरा हुआ , तब बाबा साहेब की आँखों में आँसू थे .
पास खड़े एक पत्रकार ने उनसे पूछा "क्या आप संविधान लिखकर खुश नही है ?" बाबा साहेब ने उसे जवाब दिया कि "मैंने बहुजनों के कल्याण का दस्तावेज बनाया है .लेकिन इसे लागू करने के लिए जिन लोगों के हाथों में सौंप रहा हूँ .वो मेरे बहुजन नही है .मुझे इन पर विश्वास नही है कि संविधान को ये लोग पूरी तरह अमल में लाएंगे या नहीं!...?
ओर आज बाबा साहेब का कहा कथन
सही साबित हो रहा है!
Dr. Bhimrao Ambedkar
पास खड़े एक पत्रकार ने उनसे पूछा "क्या आप संविधान लिखकर खुश नही है ?" बाबा साहेब ने उसे जवाब दिया कि "मैंने बहुजनों के कल्याण का दस्तावेज बनाया है .लेकिन इसे लागू करने के लिए जिन लोगों के हाथों में सौंप रहा हूँ .वो मेरे बहुजन नही है .मुझे इन पर विश्वास नही है कि संविधान को ये लोग पूरी तरह अमल में लाएंगे या नहीं!...?
ओर आज बाबा साहेब का कहा कथन
सही साबित हो रहा है!
Dr. Bhimrao Ambedkar



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